देहरादून का बार विवाद: संरक्षण या मिलीभगत?

ब्यूरों रिपोर्ट
विकासनगर/देहरादून
जन संघर्ष मोर्चा ने देहरादून में संचालित एक चर्चित बार को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस महकमे के उच्च अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि शहर का एक बार कथित तौर पर देर रात तीन-चार बजे तक संचालित होता है और इसे उच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है।
“आईजी पर गंभीर आरोप, पुलिस कार्रवाई रोकने का दावा”
नेगी के अनुसार, बीती रात जब पुलिस टीम बार के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची, तो एक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में बाधा डालते नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। क्या इस बार को विशेष संरक्षण प्राप्त है? क्या इसके पीछे कोई गहरी सांठगांठ है?
मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित बार की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रेस वार्ता में नेगी ने यह भी कहा कि तय समय के बाद संचालित होने वाले बार पहले भी कई आपराधिक घटनाओं और हादसों की वजह बन चुके हैं, इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती जरूरी है।
मोर्चा ने इस दौरान पुलिस के कुछ अधिकारियों की कार्रवाई की सराहना भी की, जिन्होंने मौके पर नियम लागू कराने की कोशिश की।
संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वह खुद इस मुद्दे को सार्वजनिक मंचों पर उठाएगी।



