राजनीति

“संकल्प से सिद्धि तक”…. मोदी युग में नया भारत कितना बदला?

12 साल… बदलते भारत की कहानी….

ब्यूरों रिपोर्ट

साल 2014 में जब Narendra Modi ने देश की कमान संभाली थी, तब भारत कई चुनौतियों से जूझ रहा था। अर्थव्यवस्था की सुस्ती, भ्रष्टाचार के आरोप, आतंकवाद का खतरा, कमजोर बुनियादी ढांचा और वैश्विक मंच पर सीमित प्रभाव ये उस दौर की प्रमुख तस्वीरें थीं।

आज, 12 वर्षों बाद भारत की तस्वीर काफी बदल चुकी है। दुनिया भारत को केवल एक विकासशील देश नहीं, बल्कि एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में देख रही है। गांव से लेकर ग्लोबल मंच तक, सड़क से लेकर अंतरिक्ष तक, डिजिटल क्रांति से लेकर रक्षा शक्ति तक इन 12 वर्षों ने भारत की दिशा और दशा दोनों बदलने का दावा किया है।

आतंकवाद पर सख्त नीति, बदला भारत का रवैया…..

एक समय था जब देश लगातार बड़े आतंकी हमलों से दहल जाता था। लेकिन पिछले वर्षों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई।

उरी और पुलवामा हमलों के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक ने यह संदेश दिया कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि जवाब भी देगा। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया गया और अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ मुखर आवाज बन चुका है।

सड़कें बदलीं तो बदली देश की रफ्तार…….

कभी भारत में सड़क परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी रहती थीं। लेकिन पिछले 12 वर्षों में एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क ने देश की तस्वीर बदल दी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, चारधाम सड़क परियोजना और सीमावर्ती सड़कों के निर्माण ने कनेक्टिविटी को नई गति दी।

पहाड़ों से लेकर सीमाओं तक सड़कें पहुंचीं तो व्यापार, पर्यटन और सेना—तीनों को मजबूती मिली। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े सड़क नेटवर्क वाले देशों में और तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रेलवे: “धीमी ट्रेन” से वंदे भारत तक…….

भारतीय रेलवे में बदलाव आम लोगों ने सबसे ज्यादा महसूस किया।

जहां पहले ट्रेनों की देरी और गंदगी चर्चा का विषय होती थी, वहीं अब आधुनिक स्टेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और हाईस्पीड ट्रेनों ने रेलवे की छवि बदली है।

Vande Bharat Express देश की नई पहचान बन चुकी है। रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण, माल ढुलाई कॉरिडोर और 100% इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में तेजी ने रेलवे को नई रफ्तार दी।

रेलवे अब केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक विकास का इंजन बनता दिख रहा है।

हवाई यात्रा: “हवाई चप्पल वाला भी हवाई जहाज में”…..

एक समय था जब हवाई यात्रा केवल बड़े शहरों और अमीर लोगों तक सीमित मानी जाती थी।

लेकिन उड़ान योजना (UDAN) ने छोटे शहरों को हवाई नक्शे से जोड़ा। आज देश में दर्जनों नए एयरपोर्ट बने हैं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है।

पहले जहां कई राज्यों में गिने-चुने एयरपोर्ट थे, वहीं अब छोटे शहरों से भी नियमित उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बड़ा लाभ मिला।

डिजिटल इंडिया: मोबाइल में समाया भारत…….

पिछले 12 वर्षों की सबसे बड़ी क्रांति अगर कोई रही है, तो वह डिजिटल क्रांति है।

आज गांव का किसान भी मोबाइल से भुगतान कर रहा है। यूपीआई ने दुनिया को चौंका दिया। डिजिटल भुगतान में भारत ने कई विकसित देशों को पीछे छोड़ दिया।

सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खातों में पहुंचा। ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल पहचान और इंटरनेट विस्तार ने आम आदमी की जिंदगी आसान बनाई।

भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं में गिना जा रहा है।

विज्ञान और अंतरिक्ष: चांद तक पहुंचा भारत……

भारत ने विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छुईं।
Indian Space Research Organisation ने दुनिया को तब चौंका दिया जब Chandrayaan-3 Moon Landing सफल हुआ और भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना।

आदित्य मिशन से सूर्य अध्ययन और गगनयान की तैयारी ने भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति की कतार में खड़ा कर दिया।

कोविड काल में वैक्सीन निर्माण और डिजिटल वैक्सीन प्लेटफॉर्म ने भी भारत की वैज्ञानिक क्षमता को दुनिया के सामने रखा।

अर्थव्यवस्था: दुनिया की बड़ी ताकत बनने की ओर……

साल 2014 में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में जरूर था, लेकिन आज भारत दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। “मेक इन इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों ने विनिर्माण और उद्यमिता को बढ़ावा दिया।

मोबाइल निर्माण से लेकर रक्षा उत्पादन तक भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए। विदेशी निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई।

वैश्विक मंच पर मजबूत भारत……..

आज दुनिया के बड़े मंचों पर भारत की आवाज पहले से ज्यादा प्रभावशाली मानी जाती है।

G20 New Delhi Summit की सफल मेजबानी ने भारत की कूटनीतिक ताकत को दुनिया के सामने रखा।

अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान और खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंध और मजबूत हुए। वैश्विक संकटों के बीच भारत ने संतुलित विदेश नीति का प्रदर्शन किया।

सामाजिक बदलाव और जनकल्याण…….

स्वच्छ भारत मिशन, हर घर जल, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाईं।

ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण, बिजली कनेक्शन और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाओं ने जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाने का दावा किया।

आलोचनाएं भी रहीं, बहस भी जारी रही…..

इन 12 वर्षों में जहां समर्थकों ने इसे “नए भारत का दौर” बताया, वहीं आलोचकों ने बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक ध्रुवीकरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल भी उठाए।

कृषि कानूनों के विरोध से लेकर मणिपुर हिंसा और विपक्षी दलों के आरोपों तक, यह दौर राजनीतिक बहसों और वैचारिक संघर्षों से भी भरा रहा।

लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि पिछले 12 वर्षों ने भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।

12 साल में बदला भारत… अब दुनिया की नजर भारत पर”…

इन 12 वर्षों में भारत ने विकास, तकनीक, सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने की कोशिश की है।

कई सपने पूरे हुए, कई चुनौतियां अब भी बाकी हैं। लेकिन इतना तय है कि 2014 के भारत और 2026 के भारत की तस्वीर में बड़ा अंतर दिखाई देता है।

यह केवल सरकार बदलने की कहानी नहीं, बल्कि बदलती सोच, बढ़ते आत्मविश्वास और विश्व मंच पर उभरते भारत की कहानी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button