“विकासनगर को बचाने की पहल: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिला प्रतिनिधिमंडल, रोड वाइडनिंग पर पुनर्विचार के निर्देश”

ब्यूरों रिपोर्ट
नई दिल्ली,
देहरादून जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र विकासनगर प्रस्तावित रोड वाइडनिंग और एलिवेटेड रोड योजना को लेकर इन दिनों चर्चा में है। इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की और विकासनगर शहर को संभावित नुकसान से बचाने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि विकासनगर कोई साधारण कस्बा नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है, जिसकी शुरुआत चौहड़पुर नामक गांव से हुई थी और स्थानीय जनता के सहयोग से यह आज एक नगर पालिका के रूप में विकसित हुआ है। यह बाजार न केवल देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र के लिए बल्कि हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, उत्तरकाशी और टिहरी के लोगों के लिए भी एक केंद्रीय व्यापारिक केंद्र के रूप में कार्य करता है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिस मार्ग पर रोड वाइडनिंग या एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव है, उसी मार्ग पर कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल स्थित हैं। इनमें आर्य समाज मंदिर, तिलक भवन, सनातन धर्म मंदिर, गीता भवन, गुरुद्वारा साहिब, जामा मस्जिद, जैन मंदिर, सेंट पॉल चर्च और खाटू श्याम मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा इसी मार्ग के किनारे एआरवी इंटर कॉलेज, तहसील मुख्यालय और कई पेयजल योजनाएं भी स्थित हैं। ऐसे में यदि बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किया गया तो इन संस्थानों और शहर की ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई।
स्थानीय लोगों की राय और एनएच विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने दो वैकल्पिक प्रस्ताव भी रखे, जो पहले से ही स्थल पर मौजूद हैं और अधिक व्यवहारिक माने जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यदि मौजूदा योजना पर अमल किया गया तो वर्षों से बसे व्यापार और स्थानीय लोगों की आजीविका पर गहरा असर पड़ सकता है।
मुलाकात के दौरान जुबिन नौटियाल ने मंत्री को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने लिखा कि विकासनगर उनके लिए दूसरे घर जैसा है और स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए इस मुद्दे को उठाना उनका कर्तव्य है। उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि शहर की सांस्कृतिक विरासत और व्यापारिक ढांचे को बचाने के लिए उचित निर्णय लिया जाए।
करीब एक घंटे चली इस चर्चा के बाद केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकासनगर शहर को प्रस्तावित रोड वाइडनिंग और एलिवेटेड रोड से बचाने के विकल्पों पर तुरंत विचार किया जाए और उसके अनुरूप प्रस्ताव सरकार को भेजे जाएं।
स्थानीय लोगों ने मंत्री के इस सकारात्मक रुख पर आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि विकासनगर की ऐतिहासिक पहचान, व्यापारिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए ही कोई समाधान निकाला जाएगा।



