उत्तराखंड

गैरसैंण विधानसभा में गूंजा वन भूमि ट्रांसफर का मुद्दा भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार को घेरा, मंत्री जवाब में उलझे।

ब्यूरों रिपोर्ट

देहरादून।

Munna Singh Chauhan ने गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान वन भूमि ट्रांसफर से जुड़े गंभीर मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से तीखे सवाल किए।

विकासनगर विधायक ने कहा कि वन (संरक्षण) अधिनियम के तहत वन भूमि के हस्तांतरण (डाइवर्शन/फॉरेस्ट क्लियरेंस) की प्रक्रिया बेहद धीमी है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत परियोजनाओं के लिए वन भूमि स्वीकृति में हो रही देरी पर सवाल उठाए।

सदन में उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि वन विभाग से जुड़े स्थानीय लोगों के पारंपरिक हक-हकूक लगातार प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सरकार को विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना चाहिए।

मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए विधायक….

वन मंत्री Subodh Uniyal इन सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।

कई सवालों पर मंत्री का जवाब अस्पष्ट रहा और कुछ बिंदुओं पर वे चुप्पी साधते नजर आए।

इससे सदन का माहौल अचानक गर्म हो गया।

स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप……

स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष Ritu Khanduri Bhushan को हस्तक्षेप करना पड़ा।

उन्होंने मंत्री को निर्देश देते हुए कहा कि,

“ये प्रदेश के ज्वलंत मुद्दे हैं। इन पर गंभीरता के साथ स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।”

स्पीकर की इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर तक चर्चा और तीखी बहस जारी रही।

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अहम मुद्दा…..

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में बड़ी संख्या में विकास योजनाएं वन भूमि स्वीकृति पर निर्भर रहती हैं।

ऐसे में यदि फॉरेस्ट क्लियरेंस की प्रक्रिया लंबी होती है तो सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आधारभूत परियोजनाएं भी प्रभावित होती हैं।

इसी कारण इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में हुई बहस अब राजनीतिक और जनसरोकार के स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, और सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।

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