शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप, पुलिसकर्मियों पर भी मारपीट और अभद्रता के आरोप।

ब्यूरों रिपोर्ट
देहरादून/कालसी। कालसी क्षेत्र में प्रेम संबंध, विवाह के वादे और कथित शारीरिक शोषण से जुड़ा एक मामला सामने आया है। एक युवती ने ग्राम पाटा निवासी युवक और उसके परिजनों पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने तथा बाद में विवाह से मुकरने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, युवती ने कालसी थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर भी बिना महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में जबरन थाने ले जाने, मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में युवती ने थाना कालसी में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, युवती पिछले कई वर्षों से युवक के साथ प्रेम संबंध में थी और दोनों विवाह करना चाहते थे। आरोप है कि शुरुआत में युवक के पिता और चाचा ने भी विवाह के लिए सहमति जताई थी। बाद में परिवार की ओर से शादी से इनकार किए जाने पर दोनों गांवों की पंचायत भी हुई, जिसमें लड़के पक्ष ने दशहरा 2026 तक विवाह कराने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, निर्धारित समय आने पर युवक और उसके परिजनों ने कथित तौर पर अपने वादे से किनारा कर लिया।
युवती का आरोप है कि 4 नवंबर 2026 को वह विवाह की उम्मीद में युवक के घर ग्राम पाटा पहुंची थी। उसी रात करीब एक बजे कालसी थाने के तीन पुलिसकर्मी युवक, उसके मित्रों और परिजनों के साथ वहां पहुंचे और उसे जबरन थाने ले गए। युवती ने आरोप लगाया है कि इस दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी और उसके साथ धक्का-मुक्की एवं मारपीट भी की गई, जिससे उसके पैर, छाती और कंधे में चोटें आईं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे पूरी रात थाने में रखा गया और उसके पास मेडिकल रिपोर्ट भी उपलब्ध है।
शिकायत में कहा गया है कि 5 नवंबर को थाने में सुपुर्दगी और विवाह संबंधी सहमति के दस्तावेज तैयार किए गए, जिन पर संबंधित युवक के हस्ताक्षर भी हैं। युवती का आरोप है कि उसी दिन रात करीब आठ बजे पुलिसकर्मी उसे युवक के घर पहुंचाने की बात कहकर ऑटो में ले गए, लेकिन रास्ते में कथित अभद्र व्यवहार करते हुए उसे आधे रास्ते में अकेला छोड़ दिया गया।
युवती ने युवक के परिजनों पर आर्थिक समझौते के लिए दबाव बनाने और पैसे का लालच देकर मामला समाप्त करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया है। शिकायत में युवक के माता-पिता, चाचा-चाची सहित अन्य परिजनों पर मारपीट और जबरन घर से बाहर निकालने के आरोप भी लगाए गए हैं। युवती का कहना है कि उसे किसी तरह का आर्थिक समझौता नहीं चाहिए, बल्कि न्याय चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस अभिलेख सुरक्षित रखने की मांग।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने 4 और 5 नवंबर की पुलिस कार्रवाई, सुपुर्दगी से संबंधित दस्तावेजों, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका तथा थाने की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (जीडी) और अन्य अभिलेखों को सुरक्षित रखने की मांग की है। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट को जांच में शामिल करने, आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने तथा स्वयं को धमकी और दबाव से सुरक्षा देने की मांग की है।
फिलहाल यह मामला शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर सामने आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच और कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


