लखवाड़ परियोजना में सुरक्षा पर उठे सवाल, अस्थायी पुल का हिस्सा धंसा दिखा, उसी पर दौड़ते रहे वाहन।
ब्यूरों रिपोर्ट
देहरादून/लखवाड़। उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी 300 मेगावाट निर्माणाधीन लखवाड़ जलविद्युत परियोजना में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। परियोजना स्थल पर हमारे कैमरे में कैद हुए दृश्य बताते हैं कि यमुना नदी पर बने अस्थायी संपर्क पुल का एक हिस्सा पानी में धंसा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद उसी पुल से अधिकारियों और निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के वाहन लगातार आवाजाही करते नजर आए।
हाल ही में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने लखवाड़ परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी। इसी दौरान कैमरे में कैद हुई इन तस्वीरों ने परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने वाली स्थिति के बावजूद पुल पर न तो किसी प्रकार की रोक-टोक नजर आई और न ही खतरे से आगाह करने वाला कोई चेतावनी बोर्ड दिखाई दिया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि पुल की स्थिति वास्तव में जोखिमपूर्ण है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों ने इस ओर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया।
यह भी सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब परियोजना के अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्से में संभावित जोखिम को समय रहते नहीं पहचाना जा रहा, तो निर्माण कार्यों की तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण किस स्तर पर हो रहा होगा।
हालांकि, हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का भय या भ्रम फैलाना नहीं है, लेकिन कैमरे में कैद हुई इन तस्वीरों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी तत्काल पुल का तकनीकी निरीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करें तथा यदि किसी प्रकार का खतरा है तो तत्काल आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि परियोजना प्रबंधन और संबंधित विभाग इन तस्वीरों पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
