चकराता में विधायक निधि पर उठे सवाल, सीडीओ ने दिए जांच के आदेश।

ब्यूरों रिपोर्ट
चकराता। चकराता विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने RTI से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि विधायक निधि के कई कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। संगठन का दावा है कि कुछ मामलों में एक ही विकास कार्य की तस्वीरें अलग-अलग कार्यों में दर्शाकर भुगतान लिए जाने जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।
मोर्चा का कहना है कि क्षेत्र की जनता आज भी सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि विकास के नाम पर खर्च की गई विधायक निधि के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि यदि दस्तावेजों में सामने आई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून ने चकराता विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए कार्यों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। यह समिति संबंधित अभिलेखों, कार्यस्थलों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने मांग की है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विधायक निधि का उपयोग नियमानुसार हुआ या फिर जनता के विकास के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सही हैं।