लखवाड़ जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में छह माह के लिए धारा 163 लागू।
ब्यूरों रिपोर्ट
टिहरी, 1 जून।
जनपद टिहरी गढ़वाल की धनोल्टी तहसील अंतर्गत निर्माणाधीन 300 मेगावाट लखवाड़ जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा परियोजना के निर्माण कार्यों को निर्बाध रूप से संचालित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश आगामी छह माह तक प्रभावी रहेगा।
उप जिलाधिकारी धनोल्टी नीलू चावला द्वारा जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के निर्देशों पर जारी आदेश के अनुसार परियोजना के सभी कार्यस्थलों से 500 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बिना सक्षम अनुमति के धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग तथा हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर चलने पर भी रोक रहेगी।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि परियोजना क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, मार्ग अवरुद्ध करने, कार्यस्थलों पर अनधिकृत प्रवेश तथा निर्माण कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जाने की आशंका है। ऐसे में लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने परियोजना स्थल, कार्यालयों, आवासीय परिसरों तथा निर्माण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अनधिकृत प्रवेश को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही परियोजना की मशीनरी, वाहनों एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने जैसी गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
परियोजना की सुरक्षा एवं निर्माण कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पीएसी की एक टुकड़ी भी तैनात की गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परियोजना प्रभावित ग्रामीणों एवं श्रमिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा तथा उनकी शिकायतों का निस्तारण हरसंभव प्रयासों से किया जाएगा।
आदेश में सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से भड़काऊ, अफवाह फैलाने वाली अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसारण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
हालांकि स्थानीय निवासियों को अपने घरों में आने-जाने तथा कृषि कार्यों के लिए सामान्य एवं शांतिपूर्ण आवाजाही की अनुमति रहेगी, लेकिन इसके लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी तथा समय-समय पर स्थानीय स्तर पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों के चलते प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।