पौड़ी में गुलदार का बढ़ता आतंक, छह माह में सात लोगों की जान गई।
ब्यूरों रिपोर्ट
पौड़ी। पौड़ी विधानसभा क्षेत्र में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते छह माह के दौरान गुलदार के हमलों में सात ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि लोग शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं, जबकि स्कूली बच्चों और जंगलों में चारा-पत्ती लेने जाने वाली महिलाओं की चिंता सबसे अधिक बढ़ गई है।
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने बनाई विशेष टास्क फोर्स।
ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही घटनाओं के बाद वन विभाग भी सक्रिय हो गया है। गढ़वाल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) महातिम यादव ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टीम स्कूल आने-जाने वाले बच्चों तथा जंगलों में घास और चारा लेने जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखेगी।
डीएफओ ने बताया कि वन विभाग पशुपालन विभाग के सहयोग से गांवों में ही चारे की वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने का प्रयास कर रहा है, ताकि महिलाओं की जंगलों पर निर्भरता कम हो और उन्हें अनावश्यक जोखिम का सामना न करना पड़े।
गुलदार की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए कुछ संवेदनशील क्षेत्रों के विद्यालयों को एहतियातन दो से तीन दिनों के लिए बंद भी किया गया है। इसके अलावा गांवों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है, झाड़ियों की कटाई की जा रही है और लोगों को वन्यजीवों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल न जाएं, बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और गुलदार की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक सहयोग और सतर्कता से ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सकता है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि वन विभाग को स्थायी समाधान के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि ग्रामीण भयमुक्त होकर अपना दैनिक जीवन जी सकें।