“2 बीघा में बाजार, 5.5 बीघा का भुगतान, हरबर्टपुर में खेल बड़ा या सिस्टम ढीला?”

ब्यूरों रिपोर्ट,
विकासनगर/हरबर्टपुर।
नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला साप्ताहिक पीठ बाजार के लिए ली गई भूमि के भुगतान से जुड़ा है, जहां नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये के गड़बड़झाले के आरोप सामने आए हैं।
क्या है पूरा मामला?…..
नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर द्वारा साप्ताहिक पीठ बाजार लगाने के लिए भूमि अनुबंधित की गई थी।
अनुबंध की शर्त संख्या-2 साफ कहती है कि,
जितनी भूमि पर बाजार लगेगा, उसी के अनुसार ₹64,000 प्रति बीघा की दर से भुगतान किया जाएगा।
लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
नियमों को दरकिनार कर भुगतान…..।
पालिका ने बोर्ड बैठक का हवाला देकर 5.50 बीघा भूमि का भुगतान कर दिया।
कुल भुगतान: ₹3,52,000
जबकि बाजार सिर्फ 2 बीघा भूमि पर ही संचालित हो रहा है।
इस हिसाब से करीब ₹2,24,000 का अतिरिक्त भुगतान किया गया है, जो सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है।
बड़ा सवाल: एजेंडे में था ही नहीं मामला…।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि,
06 नवंबर 2025 की बोर्ड बैठक के एजेंडे में इस भूमि भुगतान का कोई जिक्र ही नहीं था।
फिर सवाल उठता है कि,
आखिर किस आधार पर 5.50 बीघा का भुगतान पास किया गया?
किसने दी मंजूरी?
और किसके दबाव में यह निर्णय लिया गया?
मिलीभगत के आरोप….!
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में भू-स्वामी और पालिका अधिकारियों के बीच सांठ-गांठ की आशंका जताई जा रही है।
कम भूमि पर बाजार चलाकर ज्यादा भूमि का भुगतान लेना, यह सीधे-सीधे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बनता है।
जनता में आक्रोश…..!
स्थानीय लोगों में इस खबर के बाद भारी नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि,
“जब विकास कार्यों के लिए बजट नहीं होता, तब ऐसे फर्जी भुगतान कैसे हो जाते हैं?”
जांच की मांग तेज…..!
अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है।
