“टेंडर प्रक्रिया में जल्दबाज़ी या नियमों की अनदेखी? ब्रिडकुल पर उठे सवाल”
ब्यूरों रिपोर्ट
देहरादून स्थित Bridge Construction and Development Corporation of Uttarakhand Ltd (BRIDCUL) द्वारा जारी एक हालिया ई-टेंडर प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में है।
टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार,
ऑनलाइन बिड जमा करने की अंतिम तिथि: 27 फरवरी 2026 (1500 बजे)
टेक्निकल बिड ओपनिंग: 27 फरवरी 2026 (1530 बजे)
टेंडर फीस व 33.27 लाख रुपये की EMD (FD के रूप में) जमा करने की अंतिम तिथि: 06 मार्च 2026 (1700 बजे तक)
विवाद कहाँ है?……
सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को कुछ फर्मों के टेंडर निरस्त कर दिए गए, जबकि,
EMD जमा करने की अंतिम तिथि अभी शेष थी (06 मार्च तक)
दो अन्य फर्मों के टेंडर स्वीकार कर लिए गए
अब बड़ा सवाल यह है कि,
जब EMD जमा करने की वैधानिक अंतिम तिथि 06 मार्च थी, तो 28 फरवरी को किस आधार पर कुछ बिडर्स को अयोग्य घोषित किया गया?
टेंडर शर्तें क्या कहती हैं?…..
टेंडर डॉक्यूमेंट के ITB क्लॉज़ 12 के अनुसार 33.27 लाख रुपये की EMD जमा करनी थी, जिसकी अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से 06 मार्च दर्ज है।
यदि कोई बिडर निर्धारित समय सीमा के भीतर EMD जमा करता, तो तकनीकी रूप से उसे अवसर मिलना चाहिए था।
वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि,
किसी भी बिड को निर्धारित समय से पहले निरस्त करना
और अन्य बिड्स को स्वीकार कर लेना
“समान अवसर” (Level Playing Field) के सिद्धांत के विरुद्ध माना जा सकता है।
कानूनी पहलू……..।
सार्वजनिक खरीद (Public Procurement) में,
प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
सभी बिडर्स को समान अवसर मिलना चाहिए।
निरस्तीकरण का कारण लिखित और रिकॉर्डेड होना चाहिए।
यदि ऐसा नहीं हुआ, तो यह प्रशासनिक विवेक (Administrative Discretion) के दुरुपयोग की श्रेणी में आ सकता है।
BRIDCUL से पूछे जाने वाले सवाल………।
क्या 28 फरवरी को जिन फर्मों को निरस्त किया गया, उनकी EMD जमा करने की अंतिम तिथि 06 मार्च नहीं थी?
निरस्तीकरण का लिखित कारण क्या था?
क्या सभी बिडर्स को समान अवसर दिया गया?
क्या यह निर्णय टेंडर शर्तों के अनुरूप था।
BRIDCUL का पक्ष…..
पहाड़ का सच ने इस विषय पर BRIDCUL प्रबंधन से आधिकारिक प्रतिक्रिया माँगी है।
जैसे ही उनका पक्ष प्राप्त होगा, उसे यथावत प्रकाशित किया जाएगा।
